Adani Enterprises Share Price में 17 नवंबर को हलचल देखने को मिली। शेयर सुबह तेजी के साथ खुला, लेकिन दिन के दौरान इसमें थोड़ी कमजोरी आई और यह बीएसई पर 2421.10 रुपये के लो तक फिसल गया। हालांकि बाद में फिर रिकवरी दिखी। यह उतार-चढ़ाव इसलिए भी दिखा क्योंकि आज कंपनी का शेयर एक्स-राइट ट्रेड कर रहा है। दरअसल, अदाणी एंटरप्राइजेज 25,000 करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू ला रही है और 17 नवंबर इसकी रिकॉर्ड डेट थी।
Adani Enterprises Rights Issue
कंपनी ने 1 रुपये फेस वैल्यू वाले आंशिक रूप से पेड-अप इक्विटी शेयर जारी करने की मंजूरी दे दी है। राइट्स इश्यू के जरिए मौजूदा शेयरहोल्डर्स को तय अवधि में रियायती दरों पर अतिरिक्त शेयर खरीदने का मौका मिलेगा।
राइट्स इश्यू के प्रमुख विवरण:
- कुल राशि: ₹24,930 करोड़
- नए शेयर: 13.85 करोड़ से अधिक
- इश्यू प्राइस: ₹1800 प्रति शेयर
- इश्यू खुलने की तारीख: 25 नवंबर
- इश्यू बंद होने की तारीख: 10 दिसंबर
- अलॉटमेंट: 11 दिसंबर
- शेयर क्रेडिट: 12 दिसंबर
- ट्रेडिंग शुरू: 16 दिसंबर
Adani Enterprises Share Price
पिछले तीन महीनों में इस शेयर ने करीब 14% की बढ़त दर्ज की है। कंपनी का वर्तमान मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक है और सितंबर 2025 तक प्रमोटर्स के पास 73.97% हिस्सेदारी रही है। ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस जेफरीज ने इस स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग देते हुए ₹3000 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से अच्छी अपसाइड दिखाता है।
Adani Enterprises Q2 FY26 Results
जुलाई–सितंबर 2025 तिमाही में Adani Enterprises का नेट प्रॉफिट 84% बढ़कर ₹3199 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा ₹1742 करोड़ था। इस उछाल का मुख्य कारण है AWL Agri Business (पूर्व में Adani Wilmar) में 13.51% हिस्सेदारी की बिक्री, जिससे कंपनी को ₹3583 करोड़ मिले। अगर इस एकमुश्त लाभ को हटाएं तो एडजस्टेड मुनाफा सिर्फ ₹814.35 करोड़ रहा, यानी 66% की गिरावट। यह दिखाता है कि कोर बिजनेस की ग्रोथ अभी उतनी मजबूत नहीं है जितनी दिख रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
Adani Enterprises Share Price में राइट्स इश्यू के चलते नज़दीकी समय में उतार-चढ़ाव रहेगा, क्योंकि शेयर एक्स-राइट ट्रेड कर रहा है। लंबी अवधि के निवेशक राइट्स इश्यू को एक अवसर के रूप में देख सकते हैं क्योंकि शेयर डिस्काउंट पर मिलेंगे। वहीं, फंडामेंटल्स की बात करें तो कंपनी कई नए बिजनेस और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है, जिसकी वजह से ग्रोथ की संभावनाएं बनी हुई हैं।
निष्कर्ष
राइट्स इश्यू से कंपनी को कैपिटल स्ट्रेंथ मिलेगी और मौजूदा शेयरधारकों को शेयर सस्ते दाम पर खरीदने का मौका मिलेगा। शेयर पर संस्थागत रुचि बनी हुई है और जेफरीज जैसी बड़े ब्रोकरेज फर्म ने ₹3000 का टारगेट दिया है। हालांकि, एडजस्टेड प्रॉफिट में गिरावट यह संकेत देती है कि कोर ऑपरेशंस में अभी स्थिरता नहीं है। इसलिए शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सावधानी रखनी चाहिए जबकि लॉन्ग-टर्म निवेशक इसे अवसर की तरह देख सकते हैं।



